2030 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और उन्हें लगता है कि 2030 तक यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। मोदी ने कहा कि अनिश्चितता भरे आर्थिक माहौल में भारत ने तेजी से वृद्धि की है, ऐसे में भारत आने वाले वक्त में बड़ी ताकत बनेगा। सोमवार को पेट्रोलियम उद्योग के वैश्विक सम्मेलन पेट्रोटेक 2019 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा मोदी ने ये बातें कहीं।

अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति बनी रहेगी
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पेट्रोटेक 2019 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, आईएमएफ और विश्वबैंक जैसी शीर्ष एजेंसियों का भी अनुमान है कि आगामी सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी का रुख बना रहेगा। वर्तमान में भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ रहा और हाल ही में यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। आगे हम वैश्विक वित्तीय, मौद्रिक व आर्थिक एजेंसियों का अनुमान सही साबित कर सकें, इसके लिए हमें मौजूदा रफ्तार बरकरार रखनी होगी। साथ ही उत्पादकों और ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार मूल्य प्रणाली अपनानाते हुए पारदर्शी तथा लचीले बाजार की ओर बढ़ना होगा।

ऊर्जा एजेंडा भी हमारा प्रमुख उद्देश्य
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी परिशोधन क्षमता है। 2030 में उसकी क्षमता में करीब 20 करोड़ टन की और वृद्धि होगी। हमारी राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति पिछले साल लागू हुई है। दूसरी और तीसरी पीढ़ी के जैव ईंधन पर शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एजेंडा भी हमारा प्रमुख उद्देश्य है और यह भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हमने टीकाकरण अभियान को मिशन मोड में चलाया
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अर्थव्यवस्था के साथ-साथ हमारी सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है कि पोषकता के साथ, अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन बच्चों को मिले। जिस प्रकार मजबूत इमारत के लिए नींव का ठोस होना जरूरी है, उसी प्रकार शक्तिशाली नए भारत के लिए पोषित और स्वस्थ बचपन जरूरी है। हमने टीकाकरण अभियान को मिशन मोड में चलाने का फैसला किया। मिशन इंद्रधनुष से देश में लगभग 3 करोड़ 40 लाख बच्चों और 90 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया है। जिस गति से काम हुआ है, उससे तय है कि सम्पूर्ण टीकाकरण का हमारा लक्ष्य अब दूर नहीं है।

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